आखरी अल्फाज🌙
मै ख्यालो मे रहने वाली
तुम मस्तमौला रहने वाले
मै बहुत सोचने वाली
तुम मुझे संभालने वाले
मै प्यार से भागने वाली
तुम मन कि बातें प्यार से करने वाले ।
मैंने कभी तुम्हें पाने की कोशिश नहीं की ,
मैंने कभी तुम्हें नसीब से छीनने की हरकत नहीं की ,
हां तुम्हें अपने पास रखने का ख्याल जरूर किया है,
साथ रहने की ख्वाहिश जरूर की है ,
लेकिन नसीब से चुराने की कोशिश नहीं की ।
मेरी सोच शायद तुमसे अलग है ,
मेरी नियत मैं ये बदलाव शायद तुमसे ही है ,
हाँ , तुम हो उस चांद की तरह जो मेरे लिए एक हसीन सपना ही है ।
उमर भर तुम्हे मुस्कुराता देखू ,
यह हक तो शायद तुमने दिया ही है ।
तुम्हारी हसीन बातें सुनकर मुस्कुराता है मेरा दिन ,
तुम्हारा गन्ना सुनकर झुमता है मेरा भी दिल ,
नहीं कर सकती उमर भर के वादे ,
कहीं ना कहीं शायद डरता है मेरा ये दिल ।
मैं छोड देती हूँ बाते बीच मे ,
डर है कि कहीं मैं तुम्हारा दिल न दुखा दूं ,
तुम बहुत प्यारे हो ,
कहीं मुस्कुराता चेहरा खो न दूं ।
भले मुझसे बातें ना करो तुम
बस मुझे भूलना मत,
मैं याद रखने के काबिल तो नहीं ,
मुझे बुरा समझना मत ,
हर गलती के लिए मुझे माफ कर देना ,
बुरी यादों के साथ याद रखना मत ।
न जाने दुबारा मुलाकात होगी या नहीं ,
तुम झूठी उम्मीद रखना मत ,
मेरी हर दुआ तुम्हरे लिए खास होगी ,
यह बात गलत होगी यह सोचना मत।
भगवान करे तुम हर उचाईओं को छूकर आओ
हर अंधेरे से रोशनी तक जाओ ,
मुझे दुबारा पलट कर मत देखना
बस यही वादा करते जाओ ।
Comments
Post a Comment