डर लगता है ।
डर लगता है
डर लगता है मुझे उड़ने से
कहीं जमीन पर गिर ना जाऊँ
डर लगता है मुझे खोने से
कहीं रस्ता भटक ना जाऊँ
डर लगता है मुझे चलने से
कहीं पदचिन्ह भुल ना जाऊँ
डर लगता है मुझे हँसने से
कहीं फिर उदास ना हो जाऊँ
डर लगता है मुझे प्यार करने से
कहीं दिल से भी हार ना जाऊँ
डर लगता है मुझे लिखने से
कहीं शब्दों की तरह मीट ना जाऊँ
डर लगता है मुझे दोस्त बनाने से
कहीं बुरी संगतों में ना पड़ जाऊँ
डर लगता है मुझे देखने से
कहीं भयानक तस्वीरें ना देख जाऊँ
डर लगता है मुझे आदतें बनाने से
कहीं मै उनसे छुट ना जाऊँ
डर लगता है मुझे बाहर निकलने से
कहीं गलत रास्ते ना चली जाऊँ
डर लगता है मुझे पढ़ने से
कहीं बुरी यादें याद करती ना रह जाऊँ
डर लगता है मुझे रोने से
कहीं फिर आंसुओ की बरसात में भीग ना जाऊँ
डर लगता है मुझे खुदको शीशे में देखने से
कहीं फिर कमजोर ना हो जाऊँ
हे ईश्वर , इस डर से लड़ने की शक्ति दे
कहीं फिर जीने की उम्मीद छोड़ ना जाऊँ ।
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